
असम क़े सैकड़ों कृष्ण भक्तों ने कामवन विराजित विमल बिहारी मन्दिर क़े दर्शन किये
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649
कामां- असम क़े सैकड़ों कृष्ण भक्तों ने कामवन विराजित विमल बिहारी मन्दिर क़े दर्शन किये । ब्रजयात्रियों का वाहनों का काफिला तीर्थराज विमलकुण्ड पहुंचा तथा विमलकुण्ड की परिक्रमा व आचमन कर विमल बिहारी ,सिद्धबाबा ,गोवर्धन नाथ सहित अनेकों मंदिरों के दर्शन व पूजन कर माहात्म्य श्रवण किया। ब्रजयात्रा के बारे में विमल बिहारी क़े सेवाअधिकारी विक्रम लवानिया ने सभी भक्तों को बताया कि प्रायः जितने भी वैष्णवजन व कृष्ण भक्तजन हैं, वह वर्ष में एक, दो, चार, दस बार यहां आते ही हैं। यहां आने की भी शास्त्रीय रीति है कि बहुत अधिक भीड़ अपने साथ नहीं लानी चाहिए, नहीं तो उस भीड़ में शामिल लोगों की देख-रेख में ही वृत्ति लगी रहती है, एकाग्रता नहीं बन पाती। अतः कोशिश करें कम लोग या छोटे ग्रुप में ही आएँ। हर बार जब आप आएँ तो एक या दो नए मंदिर, नए संत, नये वैष्णव से अवश्य मिले।
विमल कुण्ड के दक्षिण में श्री विमल बिहारी जी का अति प्राचीन मन्दिर है । इसके दर्शन अवश्य करें पौराणिक मान्यता है कि इसके दर्शन से ही कामवन यात्रा सम्पूर्ण होती है ।एक ही बार में यदि सभी दर्शन करने का अवसर न मिले तो, दो इस बार, दो अगली बार, दो अगली बार इस प्रकार से सभी देवालयों व श्रीकृष्ण क़ी क्रीड़ास्थलियों के दर्शन अवश्य ही करें ।
श्री गोविंद देव जी, श्री गोपीनाथ जी, श्री मदनमोहन जी, श्री गोकुल चन्द्रमा जी ,श्री वृंदादेवी, श्री कामेश्वर महादेव ,चरण पहाड़ी ,भोजन थाली ,खिसलनी शिला ,भामसुर क़ी गुफा ,सेतुबंध रामेश्वर ,चौरासी खम्भा ,धर्मराज जी ,चित्रगुप्त जी ,पांच पांडव ,धर्मकुण्ड आदि ।